लोगों की सेहत से खिलवाड़! गंदगी के बीच बन रहा था देसी घीl
साहिल अंसारी
पाम आयल और क्रीम मिलने से गहराया मिलावट का संदेह, 5.35 लाख रुपये का माल जब्त
संवाददाता, हापुड़। जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पनीर, मावा, क्रीम और शहद के बाद अब देसी घी की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे मोदी नगर रोड स्थित एक फैक्ट्री पर छापा मारकर 892 किलोग्राम तैयार देसी घी सीज किया। फैक्ट्री परिसर में रिफाइंड पाम आयल और क्रीम भी मिली। निरीक्षण के दौरान प्रोसेसिंग क्षेत्र और उपकरणों पर गंदगी मिली, जबकि घी का भंडारण खाद्य पदार्थों के लिए अनुपयुक्त प्लास्टिक ड्रमों में किया जा रहा था। विभाग ने घी समेत चार नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
जिलाधिकारी कविता मीना के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय चंद्रशेखर मिश्र के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ग्राम अब्दुल्लापुर बसंत उर्फ फरीदपुर गोयना, मोदी नगर रोड स्थित मैसर्स श्रेष्ठा फूड प्रोडक्ट्स का निरीक्षण किया। रात में की गई कार्रवाई के दौरान टीम को परिसर में करीब 892 किलोग्राम तैयार देसी घी मिला। इसके अलावा एक टिन रिफाइंड पाम आयल और करीब 30 किलोग्राम क्रीम भी रखी मिली। मौके पर घी तैयार करने के उपकरण भी मौजूद थे।
पाम आयल और क्रीम मिलने से गहराया संदेह
फैक्ट्री में तैयार घी के साथ रिफाइंड पाम आयल और क्रीम मिलने पर टीम ने घी की गुणवत्ता को लेकर संदेह जताया। इसके बाद घी के दो, रिफाइंड पाम आयल का एक और क्रीम का एक नमूना लेकर सील किया गया। विभाग ने करीब 5.35 लाख रुपये मूल्य का तैयार घी और शेष 14 लीटर रिफाइंड पाम आयल जब्त कर सीज कर दिया। अब नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद ही घी की गुणवत्ता और उसमें मिलावट की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गंदगी के बीच हो रही थी प्रोसेसिंग
निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री के प्रोसेसिंग क्षेत्र, घी तैयार करने के उपकरणों और भंडारण के बर्तनों में गंदगी मिली। घी को नान फूड ग्रेड प्लास्टिक ड्रमों में रखा गया था, जो खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण के लिए अनुपयुक्त हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से अस्वच्छ परिस्थितियों में सुधार के लिए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
दूध की खरीद का रिकॉर्ड नहीं दिखा सका संचालक
फैक्ट्री संचालक ने टीम को बताया कि घी दूध से तैयार किया जाता है। उसके अनुसार दूध से क्रीम निकालने के बाद घी बनाया जाता है। इस पर टीम ने परिसर में रिफाइंड पाम आयल रखे होने का कारण पूछा, लेकिन संचालक इसका संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। टीम ने दूध की खरीद के स्रोत और भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड भी मांगा। हालांकि, संचालक दूध की खरीद के बिल और भुगतान के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। घी की बिक्री का रिकॉर्ड उपलब्ध था, लेकिन दूध की खरीद का रिकॉर्ड नहीं मिला। इस पर विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए माल सीज कर नमूने जांच के लिए भेज दिए।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के उपायुक्त चंद्रशेखर मिश्र ने बताया कि फैक्ट्री से घी, रिफाइंड पाम आयल और क्रीम के चार नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। तैयार घी और पाम आयल को नियमानुसार सीज किया गया है। फैक्ट्री संचालक को नोटिस जारी किया गया है। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट की स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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