ईमानदारी और आत्मविश्वास से बनेगी अलग पहचान, छात्राओं को बताया व्यक्तित्व विकास का मंत्र

इंडिया न्यूज़ 24

साहिल अंसारी

शिक्षा के साथ अनुशासन और सकारात्मक सोच से निखरेगा व्यक्तित्व, आर्य कन्या कॉलेज में संगोष्ठी आयोजित

, हापुड़। व्यक्तित्व केवल बाहरी पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति के विचार, व्यवहार, ईमानदारी, अनुशासन और दूसरों के प्रति उसके दृष्टिकोण से भी उसकी पहचान बनती है। जीवन में सफलता हासिल करने और समाज में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए व्यक्तित्व के विशेष गुणों का विकास जरूरी है। इसी उद्देश्य से गुरुवार को आर्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शिक्षाशास्त्र विभाग के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक क्लब 'प्रबोध' के अंतर्गत ‘व्यक्तित्व के विशेष गुण’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं ने व्यक्तित्व विकास के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे और अच्छे गुणों के महत्व को समझाया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. साधना तोमर ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित करके किया। इसके बाद संगोष्ठी में व्यक्तित्व के विशेष गुणों और उनके जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ. सर्वेश कुमारी ने किया। उन्होंने विषय की उपयोगिता स्पष्ट करते हुए छात्राओं को अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए क्रमवार आमंत्रित किया।

संगोष्ठी में कुल आठ छात्राओं ने प्रतिभाग किया। छात्राओं ने बताया कि ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच जैसे गुण व्यक्ति के व्यवहार को बेहतर बनाने के साथ उसके सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करते हैं। व्यक्तित्व के यही गुण व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारियां समझने, सही निर्णय लेने और समाज में बेहतर संबंध स्थापित करने में मदद करते हैं। छात्राओं ने समाजीकरण की प्रक्रिया में व्यक्तित्व के गुणों की भूमिका पर भी अपने विचार साझा किए।

अच्छे गुणों को व्यवहार में उतारने पर जोर

महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. साधना तोमर ने प्रतिभागी छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छात्राओं को किताबी ज्ञान के साथ अपने व्यवहार और आचरण पर भी ध्यान देना चाहिए। ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और आत्मविश्वास ऐसे गुण हैं, जो व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देते हैं। इन गुणों को जीवन में अपनाकर छात्राएं अपने व्यक्तित्व को प्रभावशाली बना सकती हैं।

शिक्षाशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. अपर्णा त्रिपाठी ने कहा कि व्यक्तित्व के विशेष गुण मानव जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अच्छी शिक्षा और अनुशासन के माध्यम से इन गुणों का विकास किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं को अपने व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने और जीवन में नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।

विभाग की प्राध्यापिका डॉ. प्रियंका सोनकर ने सकारात्मक एवं नकारात्मक व्यक्तित्व गुणों के बारे में जानकारी देते हुए उनके प्रभावों को समझाया। उन्होंने छात्राओं को अच्छे गुणों को अपनाने और नकारात्मक प्रवृत्तियों से बचने के प्रति जागरूक किया।

कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष प्रो. अपर्णा त्रिपाठी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी में शिक्षाशास्त्र विभाग की प्राध्यापिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

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