छात्राओं ने सीखे असाइनमेंट लेखन के गुर, बेहतर प्रस्तुति के दिए टिप्स
साहिल अंसारी
इंडिया न्यूज़ 24
, हापुड़
आर्य कन्या पाठशाला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गुरुवार को बीए प्रथम वर्ष की छात्राओं को असाइनमेंट लेखन की बारीकियां समझाई गईं। अंग्रेजी विभाग और एथोस साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समिति के संयुक्त तत्वावधान में स्मार्ट कक्षा में ‘असाइनमेंट लेखन’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें छात्राओं को बताया गया कि बेहतर असाइनमेंट केवल अधिक सामग्री जुटाने से नहीं, बल्कि विषय की समझ, तथ्यों के विश्लेषण और विचारों की प्रभावी प्रस्तुति से तैयार होता है।
कार्यशाला का संचालन डॉ. मीनू कश्यप ने किया। उन्होंने छात्राओं को असाइनमेंट तैयार करने की पूरी प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि सबसे पहले विषय को गंभीरता से समझना जरूरी है। इसके बाद परिचय, मुख्य बिंदु, विश्लेषण, उदाहरण और निष्कर्ष को तार्किक एवं क्रमबद्ध ढंग से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने संदर्भ लेखन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कहा कि प्रभावी शैक्षणिक लेखन के लिए नियमित अध्ययन के साथ निरंतर अभ्यास आवश्यक है।
उन्होंने छात्राओं को लेखन में स्पष्टता, तार्किकता और प्रभाव बनाए रखने के टिप्स दिए। कहा कि विषय से जुड़ी जानकारी को समझकर अपने शब्दों में प्रस्तुत करने से लेखन अधिक प्रभावशाली बनता है। साथ ही सामग्री को बिखरे हुए ढंग से लिखने के बजाय उचित क्रम में प्रस्तुत करने पर जोर दिया।
प्राचार्य प्रो. साधना तोमर ने कहा कि असाइनमेंट केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि छात्राओं की सोच, रचनात्मकता, विश्लेषण क्षमता और अभिव्यक्ति को निखारने का प्रभावी माध्यम है। इससे छात्राओं में सवाल पूछने, विषय का विश्लेषण करने और अपने विचारों को प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता विकसित होती है।
कार्यशाला में छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता करते हुए असाइनमेंट लेखन से जुड़ी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका समाधान किया गया। इससे छात्राओं में शैक्षणिक लेखन के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ा। अंत में डॉ. पायल शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
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