छात्राओं की कल्पनाओं को मिलेगी शब्दों की उड़ान, आर्य कन्या महाविद्यालय में सात दिवसीय सृजनात्मक लेखन कार्यशाला का शुभारंभ
हापुड़। आर्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अंग्रेजी विभाग की ओर से ‘Ethos’ (लिटरेरी एंड कल्चरल सोसायटी) के तत्वावधान में गुरुवार को सात दिवसीय सृजनात्मक लेखन कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। 17 से 23 सितंबर तक चलने वाले एनरिचमेंट कोर्स आन क्रिएटिव राइटिंग में छात्राओं को लेखन की बारीकियों के साथ अपनी कल्पना, विचारों और भावनाओं को प्रभावी एवं मौलिक तरीके से शब्दों में ढालने के गुर सिखाए जाएंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ वाग्देवी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। अंग्रेजी विभाग की अध्यक्षा डॉ. अलका सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यशाला के प्रथम सत्र में किसान पीजी कालेज, सिंभावली के अंग्रेजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीलम कुमारी विषय विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुईं।
डॉ. नीलम कुमारी ने छात्राओं को सृजनात्मक लेखन की अवधारणा समझाते हुए कहा कि क्रिएटिव राइटिंग वह कला है, जिसमें लेखक अपनी कल्पना, विचारों और भावनाओं का उपयोग कर मौलिक एवं कलात्मक रचना करता है। यह सामान्य पेशेवर, अकादमिक और तकनीकी लेखन से अलग होती है। उन्होंने लेखन में कल्पनाशीलता, मौलिकता और भावनाओं की प्रभावी अभिव्यक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला।
द्वितीय सत्र में किसान पीजी कालेज, सिंभावली के अंग्रेजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर बैशाली मोंडल ने पीपीटी के माध्यम से क्रिएटिव राइटिंग के विभिन्न तत्वों को विस्तार से समझाया। उन्होंने छात्राओं को रचनात्मक लेखन की प्रक्रिया, विषय चयन और लेखन को प्रभावशाली बनाने के तरीकों की जानकारी दी।
कार्यक्रम की संचालिका डॉ. मीनू ने सृजनात्मक लेखन के महत्व पर विचार व्यक्त किए। कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने दोनों विषय विशेषज्ञों से लेखन से जुड़े विभिन्न प्रश्न किए। विशेषज्ञों ने छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें लेखन में मौलिकता और रचनात्मकता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर साधना तोमर ने छात्राओं को कार्यशाला में सक्रिय रूप से प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने और उनकी अभिव्यक्ति क्षमता को मजबूत करने में सहायक होते हैं। उन्होंने डॉ. नीलम कुमारी को अपना बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राध्यापिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। अंत में डॉ. अलका सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।
Comments
Post a Comment