गैंग बनाकर नकबजनी करने वालों पर चला कानून का डंडा, गैंगस्टर एक्ट में दो आरोपितों को तीन साल पांच माह का कारावास
साहिल अंसारी
10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया, पुलिस की प्रभावी पैरवी से हुआ फैसला
, हापुड़। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत हापुड़ पुलिस की प्रभावी पैरवी का असर न्यायालय में भी देखने को मिला। गैंग बनाकर नकबजनी जैसे आपराधिक क्रियाकलापों में संलिप्त दो आरोपितों को गैंगस्टर एक्ट के मामले में न्यायालय ने तीन वर्ष पांच माह के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
पुलिस के अनुसार सोनू उर्फ टोटा निवासी अतरपुरा, थाना हापुड़ नगर और शाकिर निवासी चिड़ावक, थाना गुलावठी, बुलंदशहर आपराधिक गिरोह बनाकर नकबजनी जैसी घटनाओं में संलिप्त थे। इनके विरुद्ध थाना हापुड़ नगर में वर्ष 2019 में मुकदमा अपराध संख्या 670/2019 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने 10 जनवरी 2020 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। इसके बाद अभियोजन विभाग और मॉनीटरिंग सेल के साथ पुलिस ने मामले में लगातार प्रभावी पैरवी की। सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय गैंगस्टर एक्ट हापुड़ की अदालत ने दोनों आरोपितों को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष पांच माह के कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस के अनुसार ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना और प्रभावी पैरवी के माध्यम से आपराधिक मामलों में आरोपितों को कम समय में सजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार, विवेचक निरीक्षक नीरज कुमार, पैरोकार महिला मुख्य आरक्षी मधु और कोर्ट मोहर्रिर महिला मुख्य आरक्षी अंजली तोमर का विशेष योगदान रहा।
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