बदनौली हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिले पूर्व विधायक असलम चौधरी, आर्थिक मदद का दिया भरोसा
हापुड़। बदनौली में चर्चित दीपक हत्याकांड के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल और प्रशासनिक सतर्कता बनी हुई है। गुरुवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक असलम चौधरी बदनौली गांव स्थित पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर घटना पर दुख जताया और उन्हें ढांढस बंधाया। पूर्व विधायक ने कहा कि दुख की इस घड़ी में समाजवादी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और न्याय की लड़ाई में परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
मुलाकात के दौरान असलम चौधरी ने परिजनों से उनकी स्थिति, सुरक्षा और प्रमुख मांगों की जानकारी ली। उन्होंने अपनी ओर से परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता भी दी। साथ ही पीड़ित परिवार की बेटी की शादी में हरसंभव सहयोग करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि परिवार जिस कठिन परिस्थिति से गुजर रहा है, उसमें जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि वे पीड़ितों को हरसंभव सहयोग दें।
अखिलेश यादव को देंगे पूरे मामले की जानकारी
पूर्व विधायक ने कहा कि बदनौली हत्याकांड, पीड़ित परिवार की स्थिति और प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दी जाएगी। इसके लिए मामले से जुड़े तथ्यों, परिवार की मांगों और उनकी समस्याओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर पार्टी नेतृत्व को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी स्तर से भी परिवार को कानूनी, सामाजिक और नैतिक सहयोग दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
पत्नी को हाउस अरेस्ट करने पर उठाए सवाल
असलम चौधरी ने अपनी पत्नी एवं जिला पंचायत सदस्य नसीम बेगम को हाउस अरेस्ट किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नसीम बेगम बुधवार को पीड़ित परिवार से मिलने बदनौली जा रही थीं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें आवास पर ही रोक दिया। उन्होंने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि का उद्देश्य केवल पीड़ित परिवार से संवेदना व्यक्त करना था। इस मामले को उचित मंच पर उठाया जाएगा।
उन्होंने शासन और प्रशासन से हत्याकांड की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराने की मांग की। कहा कि जांच में जो भी दोषी मिले, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी मांगों को गंभीरता से सुने जाने की मांग की। पूर्व विधायक ने कहा कि न्याय मिलने तक परिवार के साथ खड़े रहेंगे और जरूरत पड़ने पर उनकी आवाज को हर उचित मंच तक पहुंचाया जाएगा।
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