खरगोशों के पिंजरे में घुसा विशालकाय अजगर, दो नन्हों को निगला; बचाने पहुंची मादा पर भी किया हमला
हापुड, पिलखुवा।
रिहायशी मकान में घुसकर विशालकाय अजगर ने खरगोशों के पिंजरे में ऐसा आतंक मचाया कि परिवार के लोगों में हड़कंप मच गया। अजगर ने पिंजरे में रखे दो नन्हे खरगोशों को निगल लिया। अपने बच्चों को बचाने के लिए आगे बढ़ी मादा खरगोश पर भी अजगर ने हमला कर दिया। घर के भीतर अचानक सामने आए इस घटनाक्रम से परिवार के लोग सहम गए। सूचना मिलने पर पहुंचे वन्यजीव प्रेमी ने अपनी जान जोखिम में डालकर काफी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। अजगर के काबू में आने के बाद परिवार और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली।
पिंजरे में घुसकर दो खरगोशों को बनाया निवाला
जानकारी के अनुसार, पिलखुवा कस्बे के निवासी नितिन गोयल के मकान में विशालकाय अजगर घुस आया। घर के भीतर घूमते हुए अजगर की नजर खरगोशों के पिंजरे पर पड़ी। इसके बाद वह पिंजरे तक पहुंच गया और उसमें मौजूद दो नन्हे खरगोशों को निगल लिया। घर में मौजूद लोगों को जब घटना का पता चला तो उनके होश उड़ गए।
दोनों खरगोशों को खतरे में देखकर मादा खरगोश ने अजगर का सामना करने का प्रयास किया। इस दौरान अजगर ने मादा खरगोश पर भी हमला कर दिया। अचानक हुई इस घटना से परिवार में अफरातफरी का माहौल बन गया। लोगों ने बिना देर किए वन्यजीव प्रेमी से मदद मांगी, ताकि अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ा जा सके।
वन्यजीव प्रेमी संदीप ने जोखिम उठाकर किया अजगर का रेस्क्यू
गृहस्वामी की सूचना पर पिलखुवा के फगोता गांव निवासी वन्यजीव प्रेमी संदीप मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लेने के बाद अजगर को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की। विशालकाय अजगर को काबू में करना आसान नहीं था। काफी देर तक सावधानीपूर्वक प्रयास और कड़ी मशक्कत के बाद संदीप ने अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया।
अजगर के पकड़े जाने के बाद गोयल परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली। आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए और रेस्क्यू अभियान को देखते रहे। संदीप के प्रयास की स्थानीय लोगों ने सराहना की।
वन विभाग के सुपुर्द किया जाएगा अजगर
वन्यजीव प्रेमी संदीप ने बताया कि पकड़े गए अजगर को वन विभाग के सुपुर्द किया जाएगा या अधिकारियों के निर्देशानुसार सुरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि बारिश और मौसम में बदलाव के दौरान जंगली जीव आबादी की ओर आ सकते हैं। ऐसे में किसी भी वन्यजीव को देखकर घबराने के बजाय तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
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