जर्जर स्कूल से निपुण विद्यालय तक का सफर, डॉ. सुमन अग्रवाल की मेहनत ने बदली शिवा पाठशाला की तस्वीर
साहिल अंसारी
, हापुड़।
कलेक्टर गंज स्थित शिवा प्राथमिक पाठशाला आज शिक्षा के क्षेत्र में नगर की मिसाल बन चुका है। कभी जर्जर भवन, बंद शौचालय, पेयजल की समस्या और फर्श पर बैठकर पढ़ने को मजबूर बच्चों वाला यह विद्यालय अब नगर क्षेत्र का एकमात्र निपुण विद्यालय घोषित है। इस बदलाव के पीछे प्रधानाध्यापिका डॉ. सुमन अग्रवाल की वर्षों की मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति अहम रही है।
वर्ष 2011 में डॉ. सुमन अग्रवाल ने विद्यालय में प्रधानाध्यापिका का कार्यभार संभाला था। उस समय स्कूल की स्थिति बेहद खराब थी और महज 15 से 20 बच्चे ही विद्यालय आते थे। उन्होंने समस्याओं को चुनौती के रूप में लिया और स्कूल के कायाकल्प की शुरुआत की। अपनी सैलरी से फर्श और छत का निर्माण कराया। इसके बाद विद्यालय की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। करीब 35 वर्ष से कब्जे में रही सरकारी जमीन को मुक्त कराया गया, जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई। इसके बाद सरकारी सहयोग और व्यक्तिगत प्रयासों से विद्यालय का भवन तैयार कराया गया।
भवन बनने के बाद बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए उन्होंने 250 से अधिक घरों का भ्रमण किया और अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया। इसका परिणाम यह रहा कि विद्यालय में नामांकन बढ़कर 102 तक पहुंच गया।
विद्यालय में अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामान्य ज्ञान के लिए व्यवस्थित लेसन प्लान के साथ नवाचार आधारित शिक्षण पर जोर दिया जाता है। बच्चों ने जिला और मंडल स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भी प्रतिभाग किया है। एक मूकबधिर छात्र ने जिले में प्रथम स्थान हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया।
शिक्षा के साथ डॉ. सुमन मतदाता जागरूकता अभियान में भी सक्रिय रही हैं। स्वीप कार्यक्रम के तहत हजारों लोगों और बच्चों को जागरूक किया। इसके लिए प्रशासन ने उन्हें सम्मानित भी किया है। ऐतिहासिक और सामाजिक स्थलों के भ्रमण के माध्यम से बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान देना भी उनकी कार्यशैली का हिस्सा है।
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