बदनौली गोलीकांड में दीपक की मौत के बाद उबाल, अंतिम संस्कार पर पीड़ित परिवार ने रखीं कई मांगें; सुरक्षा से लेकर शस्त्र लाइसेंस तक का मिला भरोसा, पांच आरोपित गिरफ्तार

साहिल अंसारी

 हापुड़। बदनौली गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट और फायरिंग की घटना में घायल दीपक की उपचार के दौरान मौत के बाद रविवार को गांव का माहौल फिर गरमा गया। अंतिम संस्कार के दौरान पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी कविता मीना और पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह के समक्ष परिवार की सुरक्षा समेत कई मांगें रखीं। अधिकारियों ने मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उन्हें नियमानुसार पूरा कराने का आश्वासन दिया।

पीड़ित परिवार ने सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस व्यवस्था के साथ शस्त्र लाइसेंस दिलाने की मांग रखी। इसके अलावा आर्थिक सहायता, बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था, पारिवारिक लाभ पेंशन योजना का लाभ और पट्टे की व्यवस्था कराने की मांग भी अधिकारियों के सामने रखी गई। प्रशासन की ओर से परिवार को भरोसा दिलाया गया कि सभी मांगों पर संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।

परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मदद उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कराने का आश्वासन दिया गया। वहीं, शस्त्र लाइसेंस के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही गई। परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस अधिकारियों ने आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

पांच आरोपित गिरफ्तार, फरार आरोपितों की तलाश तेज

उधर, पुलिस ने घटना में शामिल आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपित समेत अब तक पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपितों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त आला-ए-कत्ल, एक स्कॉर्पियो गाड़ी और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। शेष फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

लापरवाही पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई

घटना में पुलिस की कार्यशैली और शिथिलता को लेकर परिवार व ग्रामीणों की ओर से जताए गए असंतोष को भी अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों और थाना प्रभारी के विरुद्ध निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दीपक को बचाने के लिए चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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