दस दिन के प्रशिक्षण और टूलकिट से कारीगर की बढ़ी आमदनी, विश्वकर्मा योजना बनी सहारा
साहिल अंसारी
हापुड़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना गरीब और पारंपरिक कारीगरों के लिए रोजगार बढ़ाने का माध्यम बन रही है। धौलाना विकासखंड के गांव सौलाना निवासी जाली गेट कारीगर तपनदीप भी योजना का लाभ लेकर अपनी आय बढ़ाने में सफल हुए हैं। योजना के तहत मिले प्रशिक्षण और काम से संबंधित सामान से उन्हें दुकान के साथ अतिरिक्त काम करने का अवसर मिल रहा है।
तपनदीप ने बताया कि वह जाली गेट बनाने की दुकान पर कारीगरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। गांव डहाना में आयोजित जन चौपाल के दौरान उद्योग विभाग के अधिकारियों से उन्हें विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने जनसेवा केंद्र के माध्यम से योजना में आवेदन किया। आवेदन के बाद विभागीय कार्यालय में बुलाकर आवश्यक पूछताछ की गई और उनका फार्म जमा किया गया।
उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्हें 10 दिन के प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया। प्रशिक्षण के दौरान कारीगरी से संबंधित नई जानकारी दी गई और काम को आगे बढ़ाने के तरीके बताए गए। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनके बैंक खाते में धनराशि भेजी गई। साथ ही कारीगरी से संबंधित आवश्यक सामान भी उपलब्ध कराया गया।
तपनदीप के मुताबिक अब दुकान के अलावा जब उन्हें बाहर किसी स्थान पर जाली गेट से संबंधित काम मिलता है तो वह योजना के तहत मिले सामान को लेकर वहां काम करने चले जाते हैं। इससे दुकान की आमदनी के अतिरिक्त भी कमाई हो रही है। उनका कहना है कि इससे परिवार का खर्च पहले की अपेक्षा बेहतर तरीके से चल रहा है।
तपनदीप ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उद्योग विभाग के अधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि योजना ने गरीब कारीगरों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण और उपकरण मिलने से उनके काम को नई दिशा मिली है।
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