नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का सश्रम कारावास

साहिल अंसारी

एक माह 28 दिन में आया फैसला, सात दिन में दाखिल हुआ आरोप पत्र; ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस की प्रभावी पैरवी

, हापुड़। छह वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में हापुड़ पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पुलिस के अनुसार घटना के करीब एक माह 28 दिन में मामले का फैसला आया। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत हुई।

पुलिस के अनुसार 13 जुलाई 2026 को पिलखुवा थाना क्षेत्र में छह वर्षीय बच्ची को आरोपी मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गया था। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। मामले में पिलखुवा थाने पर मुकदमा अपराध संख्या 358/2026 दर्ज किया गया था। मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 65(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5एम/6 के तहत कार्रवाई की गई।

पुलिस ने विवेचना में तेजी दिखाते हुए घटना के सात दिन के भीतर 20 जुलाई को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। इसके बाद मॉनीटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की ओर से लगातार प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण विवेचना, साक्ष्यों के संकलन और न्यायालय में लगातार पैरवी के चलते मामले की सुनवाई तेजी से पूरी हुई।

10 सितंबर को एडीजे/स्पेशल पॉक्सो एक्ट प्रथम हापुड़ की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

मामले में शासकीय अधिवक्ता हरेन्द्र कुमार त्यागी, विवेचक निरीक्षक नरेश कुमार, पैरोकार हेड कांस्टेबल देवेंद्र कुमार और कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल प्रशांत पांडेय का विशेष योगदान रहा।

Comments

Popular posts from this blog

50 हजार रुपये की रिश्वत लेते कानूनगो रंगे हाथ गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने क्लीनिक पर बिछाया जाल

गौरव हत्याकांड में पुलिस का शिकंजा: कचहरी में सरेंडर करने पहुंचे दो दबोचे, मुठभेड़ में तीसरे के पैर में लगी गोली

राधा-कृष्ण के मनमोहक रूप में नजर आए नन्हे-मुन्ने, जन्माष्टमी के रंग में रंगा ओएमजी स्कूल