अखिलेश यादव के खिलाफ विवादित पोस्टर से गरमाई सियासत, दिल्ली रोड पर मचा हंगामा
सोनू मसूदी
अखिलेश यादव के फोटो के साथ आपत्तिजनक टिप्पणी वाले पोस्टर लगाए, सपा कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध; पुलिस ने पोस्टर हटवाकर शुरू की जांच
हापुड़। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ बुधवार सुबह दिल्ली रोड पर विवादित पोस्टर लगाए जाने से सियासी माहौल गरमा गया। पोस्टरों में अखिलेश यादव के फोटो के साथ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। सुबह सड़क किनारे पोस्टर दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों में चर्चा शुरू हो गई। जानकारी मिलते ही सपा नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और घटना पर कड़ा विरोध जताया।
पोस्टर पर “सबको गाली, सबका अपमान, समाजवाद की यही पहचान” जैसे शब्द लिखे थे। वहीं अखिलेश यादव के फोटो के नीचे “जातिवादी सपाई” लिखा गया था। पोस्टर सामने आने के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताते हुए नाराजगी जताई। उनका कहना था कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन अखिलेश यादव जैसे प्रमुख राजनीतिक नेता के खिलाफ इस तरह की आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है।
मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस के पहुंचने के बाद मौके पर लगे विवादित पोस्टर हटवा दिए गए। पोस्टर किसने लगाए और इसके पीछे किसका उद्देश्य था, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस ने आरोपितों की पहचान के लिए दिल्ली रोड और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की छवि खराब करने और राजनीतिक माहौल बिगाड़ने के उद्देश्य से यह पोस्टर लगाए गए हैं। उन्होंने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर पोस्टर लगाने वालों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विवादित पोस्टर हटवा दिए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से पोस्टर लगाने वालों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। आरोपितों की पहचान होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर लगाए जाने की घटना के बाद कुछ समय तक दिल्ली रोड पर राजनीतिक चर्चाओं का माहौल बना रहा। सपा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक विरोध के नाम पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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