भगवान परशुराम जन्मदिवस पर राष्ट्रीय अवकाश समेत छह मांगों को लेकर दिल्ली कूच करेगा समाज, पाटलिपुत्र से निकलेगी रथ यात्रा

जगदीश माकन

दो नवंबर को जंतर-मंतर पर होगा महापड़ाव, रोहिणी में हुई बैठक में यात्रा की तैयारियों पर बनी रणनीति

संवाददाता, नई दिल्ली। ब्रह्म समर्पित संगठन की ओर से छह सूत्रीय मांगों को लेकर 24 अक्टूबर को बिहार के पाटलिपुत्र से दिल्ली के लिए विशाल स्वाभिमान रथ यात्रा निकाली जाएगी। विभिन्न राज्यों से होकर गुजरने वाली यह यात्रा दो नवंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचेगी, जहां महापड़ाव आयोजित किया जाएगा। संगठन ने यात्रा के माध्यम से समाज को एकजुट करने और अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की रणनीति बनाई है।

रोहिणी स्थित भगवान परशुराम भवन में ब्रह्म समर्पित के राष्ट्रीय अध्यक्ष नानक चंद शर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें रथ यात्रा की तैयारियों और कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं ने यात्रा को सफल बनाने का संकल्प लिया। संगठन की प्रमुख मांगों में भगवान परशुराम के जन्मदिवस पर देशभर में सार्वजनिक अवकाश घोषित करना, यूजीसी बिल को वापस लेना और अयोध्या में निर्माणाधीन श्रीराम मंदिर परिसर में भगवान परशुराम की भव्य प्रतिमा स्थापित करना शामिल है।

इसके साथ ही आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने, स्वर्ण आयोग का गठन करने और सामान्य वर्ग को सरकारी नौकरियों में समुचित आरक्षण देने की मांग भी उठाई गई।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नानक चंद शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम सनातन धर्म और राष्ट्र के रक्षक हैं। उनकी जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित होने से नई पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा ले सकेगी। उन्होंने कहा कि समाज की मांगों को लेकर अब एकजुट होकर आवाज उठाने का समय आ गया है। रथ यात्रा के माध्यम से समाज में जागरूकता पैदा करने के साथ सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाई जाएंगी।

बैठक में विक्की शर्मा, संजय गहलोत, अमरनाथ शर्मा, भरत लाल शर्मा, दिनेश शर्मा, राजेश शर्मा, संजीव शर्मा, संजय शर्मा और राजीव शर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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