जिला अस्पताल की शिकायतों पर भाकियू तोमर का अल्टीमेटम, 15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो महापंचायत


सोनू मसूदी

हापुड़। जिला अस्पताल में कथित अनियमितताओं और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो महापंचायत का ऐलान किया जाएगा। संगठन ने मामले को लेकर अम्बरीश कुमार बिंद, पीसीएस, अपर आयुक्त, मेरठ मंडल, मेरठ को भी कार्रवाई के लिए अवगत कराया है।

भाकियू तोमर के पदाधिकारियों के अनुसार जिला अस्पताल में कथित अनियमितताओं और विभिन्न समस्याओं को लेकर संगठन ने पांच जून को अपर जिलाधिकारी तथा आठ जून को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम 17 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन के माध्यम से अस्पताल की व्यवस्थाओं, शिकायतों और कथित अनियमितताओं की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। संगठन का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।संगठन ने दो जुलाई की घटना को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। भाकियू तोमर के मुताबिक महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष मोनिका खटीक को करीब एक घंटे तक जबरन बंधक बनाए रखा गया। इसके अलावा डाक्टर हेमलता, डाक्टर नीरज सैनी, डाक्टर जेपी गौतम, दीपक वर्मा, डाक्टर ऋषभ तथा नर्स आकांक्षा और उषा पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करने और अभद्रता करने के आरोप लगाए गए हैं। संगठन का दावा है कि मामले की समय से जांच नहीं की गई।

जांच में लीपापोती का आरोप

भाकियू नेताओं ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ताओं की शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय उनके खिलाफ ही झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाए गए। इससे पूरे मामले की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। संगठन ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। हालांकि लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

15 दिन में कार्रवाई नहीं तो महापंचायत

भाकियू तोमर ने स्पष्ट किया कि अब संगठन मामले को लेकर पीछे नहीं हटेगा। प्रशासन को 15 दिन का समय देते हुए कहा गया है कि इस अवधि में जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ऐसा नहीं होने पर संगठन महापंचायत का ऐलान करेगा। महापंचायत में जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा और आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।

इस दौरान भाकियू तोमर के जिला अध्यक्ष मेरठ आकिल राणा, महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष हापुड़ मोनिका खटीक, जिला प्रभारी फुरकान अली एडवोकेट, मीडिया प्रभारी हापुड़ शेरूद्दीन, कस्बा अध्यक्ष मेराज और किसान नेता बिलाल मौजूद रहे। संगठन ने प्रशासन से मांग की कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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