आर्य कन्या महाविद्यालय में संस्कृत दिवस की धूम, रामायण प्रश्नोत्तरी से लेकर श्लोक-गीत और पोस्टर प्रतियोगिता में छात्राओं ने मारी बाजी

साहिल अंसारी

हापुड़। आर्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हापुड़ में श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर मनाए जाने वाले संस्कृत दिवस के उपलक्ष्य में संस्कृत विभाग की ओर से विभिन्न शैक्षिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। संस्कृत विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर वसुधा श्री के नेतृत्व में ‘संवाद भारती’ क्लब एवं ‘भारतीय भाषा, कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ’ के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रमों में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्राओं ने संस्कृत भाषा के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति के प्रति अपनी रुचि एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वाग्देवी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित करके किया गया। इसके बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की संयोजिका सुश्री विनीता पारस ने भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत श्रीरामायण पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कराई। प्रतियोगिता में छात्राओं की पांच टीमों ने प्रतिभाग किया। निर्णायिका डॉ. अलका सिंह ने परिणाम घोषित करते हुए टीम सी को प्रथम, टीम ए को द्वितीय तथा टीम बी को तृतीय स्थान प्रदान किया।

इसके बाद श्लोक एवं संस्कृत गीत गायन प्रतियोगिता हुई, जिसमें आठ छात्राओं ने प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल में भूतपूर्व विभागाध्यक्ष संगीत विभाग प्रोफेसर जया शर्मा तथा गुरुकुल ततारपुर के आचार्य कुशल देव शामिल रहे। निर्णायकों के निर्णय के आधार पर कुमारी निशु ने प्रथम, कुमारी कायनात ने द्वितीय तथा कुमारी तनु ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

24 अगस्त को ‘आधुनिक काले संस्कृतस्य उपादेयता’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें कुमारी निष्ठा कौशिक ने प्रथम, कुमारी नेहा ने द्वितीय तथा कुमारी कायनात ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं 31 जुलाई को महाकवि भारवि कृत महाकाव्य ‘किरातार्जुनीयम्’ पर सूक्ति एवं भावार्थ विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। डॉ. नीशू यादव ने प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका निभाई। इसमें कुमारी दीपांशी प्रथम, कुमारी आस्था द्वितीय तथा कुमारी कनक तृतीय स्थान पर रहीं।

विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित

महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर साधना तोमर ने सभी प्रतियोगिताओं में विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय भाषा, संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जोड़ने के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्राओं को महाविद्यालय की शैक्षिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में निरंतर बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राध्यापिकाओं के साथ बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। आयोजन के दौरान संस्कृत भाषा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति छात्राओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम के समापन पर संस्कृत विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर वसुधा श्री ने सभी अतिथियों, प्राध्यापिकाओं, निर्णायक मंडल के सदस्यों एवं छात्राओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।

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