रास्ते पर दीवार खड़ी कर मकान का रास्ता बंद करने का आरोप, पुलिस जांच में सामने आया अतिक्रमण

सोनू मसूदी

हापुड़। नारायणगंज मोहल्ले में मकान तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर दो पक्षों के बीच चल रहा विवाद पुलिस जांच के बाद सामने आया है। शिकायतकर्ता मोहित सिंघल की ओर से मांगी गई सूचना के जवाब में क्षेत्राधिकारी नगर कार्यालय ने कोतवाली नगर पुलिस की जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई है। जांच में प्रथम दृष्टया रास्ते पर दीवार खड़ी कर मकान नंबर-46 तक पहुंचने का रास्ता बंद किए जाने की बात सामने आई है। साथ ही भवन संख्या-44 और 45 के सामने रास्ते के ऊपर आकाश की ओर भी अतिक्रमण किए जाने का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है।

क्षेत्राधिकारी नगर अनीती चौहान की ओर से 20 अगस्त को जारी पत्र में बताया गया कि आरटीआई आवेदन के संबंध में कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक से आख्या प्राप्त की गई। उपनिरीक्षक अजीत सिंह ने विवादित स्थल का निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट के अनुसार आवेदक मोहित सिंघल और विपक्षी राजीव गर्ग समेत अन्य के मकान व दुकान दिल्ली-गढ़ रोड पर उनके और उनके पूर्वजों द्वारा बनाए गए हैं। दुकानों के पीछे मकान बने हुए हैं।

जांच में बताया गया कि दोनों पक्षों के मकानों के बीच खाली जगह और सहन को पहले आपसी सहमति से रास्ते के रूप में सभी लोग इस्तेमाल करते थे। यह रास्ता मोहल्ला नारायणगंज के मुख्य मार्ग से जुड़कर दिल्ली-गढ़ रोड की ओर निकलता है। आवेदक की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेज और नक्शे के आधार पर भी मोहल्ला नारायणगंज से मकान संख्या-46 तक रास्ता होना बताया गया है।

पुलिस के अनुसार मोहल्ले का निरीक्षण करने और पूर्व में चौकी प्रभारी रेलवे रोड उपनिरीक्षक गौरव राज की जांच के बाद भी भवन संख्या-45 तक रास्ता स्पष्ट मिला। हालांकि भवन संख्या-45 से आगे रास्ते पर दीवार खड़ी मिली, जिससे भवन संख्या-46 तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया है। रिपोर्ट में भवन संख्या-44 और 45 के मालिकों द्वारा अपने भवन के सामने रास्ते के ऊपर आकाश की ओर भी अवैध अतिक्रमण किए जाने की बात कही गई है।

रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दोनों पक्षों के बीच रास्ते को लेकर विवाद चल रहा है और मौके पर शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। विवादित जमीन को लेकर विपक्षी पक्ष की ओर से पट्टे की भूमि होने का दावा भी किया गया है। पुलिस ने स्थल का निरीक्षण कर उपलब्ध दस्तावेजों और पूर्व की जांच के आधार पर स्थिति रिपोर्ट में दर्ज की है।

आरटीआई के जवाब में सीओ नगर कार्यालय ने कहा है कि उपलब्ध कराई गई सूचना में दर्ज तथ्यों की पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रभारी निरीक्षक की होगी। आवेदक को भविष्य में आरटीआई आवेदन और प्रथम अपील ऑनलाइन करने के लिए उत्तर प्रदेश के आरटीआई पोर्टल का उपयोग करने की जानकारी भी दी गई है।

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