संपत्ति और रास्ते के विवाद में घर में घुसकर मारपीट का आरोप, कोर्ट के आदेश पर छह के खिलाफ मुकदमा
साहिल अंसारी
हापुड़। हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के गांव जरौठी में संपत्ति और रास्ते को लेकर चल रहे विवाद में एक परिवार के साथ मारपीट, घर में घुसकर अभद्रता और तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित राजेंद्र ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हापुड़ की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। अदालत के आदेश पर हापुड़ देहात पुलिस ने छह नामजद आरोपितों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव जरौठी निवासी राजेंद्र के अनुसार उसकी संपत्ति और रास्ते को लेकर आरोपित पक्ष से सिविल न्यायालय में विवाद चल रहा है। आरोप है कि चार जून की सुबह करीब 9:15 बजे निरंकार, अंकित, सुमन, शिवानी, रेशमा और सुमित एकराय होकर उसके रास्ते पर नींव खोदने और संपत्ति की दीवार तोड़ने लगे। विरोध करने पर आरोपित घर में घुस आए और राजेंद्र तथा उसकी पत्नी राजेश के साथ लाठी-डंडों से मारपीट करने लगे।
पीड़ित के अनुसार, उसके पुत्र विपिन और पुत्रवधू पिंकी ने बचाने का प्रयास किया तो आरोपितों ने उनके साथ भी मारपीट की। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और परिवार को बचाया। इसके बाद पिंकी ने 112 नंबर पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ लोगों को थाने ले गई। हालांकि, पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपित पक्ष के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि पुलिस के जाने के बाद करीब 10:15 बजे सुमित और निरंकार दोबारा जबरन घर में घुस आए। आरोप है कि सुमित ने पिंकी के साथ अभद्रता और खींचतान की। विरोध करने पर राजेश के साथ डंडे से मारपीट की गई। सूचना पर पुलिस दोबारा मौके पर पहुंची और कुछ लोगों को थाने ले गई। पीड़ित का आरोप है कि घायलों का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया और उसके पुत्रों का शांतिभंग में चालान कर दिया गया।
राजेंद्र ने बताया कि घटना के संबंध में छह जून को पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से शिकायत भेजी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत की शरण ली। अदालत के आदेश पर हापुड़ देहात पुलिस ने छह आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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