ढाई साल से बिछड़े नौ मासूमों को एएचटीयू ने खोज निकाला, बच्चों को देखते ही छलक पड़े परिजनों के आंसू
साहिल अंसारी
छह माह से ढाई साल तक से थे लापता, सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस ने तलाशे सुराग; नौ परिवारों में फिर गूंजी बच्चों की किलकारी
हापुड़। किसी मां की आंखें अपने बेटे की राह देख रही थीं तो किसी पिता को बेटी के लौटने का इंतजार था। छह माह से लेकर ढाई साल तक लापता रहे नौ बच्चों की तलाश में उनके परिजन लगातार उम्मीद लगाए बैठे थे। आखिरकार हापुड़ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने विशेष अभियान चलाकर इन सभी नौ बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया। लंबे अरसे बाद बच्चों को सामने देखकर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। पुलिस की इस कार्रवाई से नौ परिवारों में फिर से खुशियां लौट आईं।
पुराने मामलों की फाइलें खंगालीं, सुराग जोड़कर पहुंची बच्चों तक
पुलिस के मुताबिक, अलग-अलग थाना क्षेत्रों से बच्चों के लापता होने की शिकायतें दर्ज थीं। कई मामले ऐसे थे, जिनमें महीनों से बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। एएचटीयू टीम ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुराने रिकॉर्ड और गुमशुदगी से संबंधित जानकारी जुटाई। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से बच्चों की तलाश शुरू की गई।
टीम ने संभावित स्थानों की जानकारी जुटाने के साथ ही अलग-अलग स्तर पर सुरागों को जोड़ना शुरू किया। लगातार प्रयास और निगरानी के बाद पुलिस को एक-एक कर बच्चों तक पहुंचने में सफलता मिली। सभी नौ बच्चों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
किस क्षेत्र से कितने बच्चे बरामद
बरामद बच्चों में कासिम कोतवाली हापुड़ नगर क्षेत्र से करीब ढाई साल से लापता था। तौफीक (10) धौलाना से छह माह, मयंक (16) पिलखुवा से 11 माह, सोनी पिलखुवा से छह माह, शालू धौलाना से 11 माह, विनय हापुड़ देहात से सात माह, अलिफशा (16) पिलखुवा से आठ माह, पायल पिलखुवा से 15 माह और शिवम मिश्रा हापुड़ नगर क्षेत्र से 15 माह से लापता था।
अन्य बच्चों की तलाश भी जारी
सीओ क्राइम दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि डीआइजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी और एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह के निर्देश पर गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एएचटीयू प्रभारी बचन सिंह और उनकी टीम ने अभियान के तहत नौ बच्चों को सकुशल बरामद किया है। उन्होंने बताया कि अन्य लापता बच्चों की तलाश भी लगातार जारी है। पुलिस का प्रयास है कि गुमशुदा बच्चों को जल्द से जल्द तलाश कर उन्हें सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया जाए।
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