जेब में सिर्फ 90 रुपये, लक्ष्य केदारनाथ; 250 किमी पैदल चल चुके मानविंद्र सिंह सोलंकी


साहिल अंसारी

आर्थिक तंगी भी नहीं डिगा सकी आस्था, मंदिरों में रात गुजारकर और भंडारों में भोजन कर 350 किमी और चलने का संकल्प

 भरतपुर से जेब में महज 90 रुपये और मन में भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था। इसी विश्वास के सहारे भरतपुर जिले के ऊंचा नगला गांव निवासी मानविंद्र सिंह सोलंकी केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा पर निकले हैं। आर्थिक तंगी भी उनके हौसले को डिगा नहीं सकी। आठ दिनों में करीब 250 किलोमीटर का सफर पैदल तय कर चुके मानविंद्र अब लगभग 350 किलोमीटर और पैदल चलकर केदारनाथ धाम पहुंचने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

कठिन रास्ते, बदलता मौसम और सीमित संसाधन उनकी यात्रा की राह में चुनौती बने हुए हैं, लेकिन मानविंद्र का हौसला बरकरार है। यात्रा के दौरान रात होने पर वह रास्ते में पड़ने वाले मंदिरों में विश्राम करते हैं। भोजन की व्यवस्था कांवड़ियों के लिए लगाए गए भंडारों से हो जाती है। उनका कहना है कि रास्ते में मिलने वाले लोगों का सहयोग और भगवान शिव के प्रति आस्था उन्हें विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की ताकत देती है।

दर्शन के साथ जनजागरण का संदेश

मानविंद्र के अनुसार उनकी यात्रा केवल केदारनाथ धाम में दर्शन करने तक सीमित नहीं है। पैदल यात्रा के माध्यम से वह सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के साथ सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास भी कर रहे हैं। रास्ते में लोगों से संवाद कर सामाजिक एकता, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रहित के प्रति सजग रहने का संदेश दे रहे हैं।

90 रुपये से शुरू हुआ सफर बना चर्चा का विषय

महज 90 रुपये लेकर इतनी लंबी पैदल यात्रा पर निकलना लोगों के बीच चर्चा और कौतूहल का विषय बना हुआ है। मानविंद्र का कहना है कि संसाधन भले ही सीमित हों, लेकिन दृढ़ संकल्प और आस्था मजबूत हो तो कठिन परिस्थितियां भी मंजिल की राह नहीं रोक सकतीं। उनकी यह यात्रा आसपास के लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बनी हुई है।

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