रक्षाबंधन पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर, 3500 जवान संभालेंगे सुरक्षा की कमान
सोनू मसूदी
हापुड़ में 11 एंटी रोमियो स्क्वाड रहेंगी सक्रिय, बाजारों से लेकर रेलवे स्टेशन और हाईवे तक कड़ी निगरानी; 10 मेलों में भी रहेगा अतिरिक्त पुलिस बल
हापुड़। रक्षाबंधन पर्व को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र पुलिस ने सुरक्षा का व्यापक खाका तैयार किया है। 28 अगस्त को होने वाले पर्व पर बहनों और भाइयों के आवागमन के कारण बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और प्रमुख मार्गों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए परिक्षेत्र में करीब 3500 पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। हापुड़ में 11 एंटी रोमियो स्क्वाड विशेष रूप से सक्रिय रहेंगी। मनचलों, जेबकतरों, चेन स्नेचरों और संदिग्ध लोगों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने सभी जनपद प्रभारियों को पर्व के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में पांच अपर पुलिस अधीक्षक, 20 क्षेत्राधिकारी, 80 निरीक्षक, 600 उपनिरीक्षक, 1005 मुख्य आरक्षी, 1360 आरक्षी, 380 होमगार्ड/पीआरडी जवान और एक कंपनी पीएसी को लगाया गया है।
बाजारों में सादे कपड़ों में महिला पुलिस
रक्षाबंधन से पहले रक्षा सूत्र और मिठाई की खरीदारी के लिए बाजारों में देर रात तक भीड़ रहने की संभावना है। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। एंटी रोमियो स्क्वाड भी लगातार भ्रमण कर मनचलों और महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों पर कार्रवाई करेगी।
मेरठ परिक्षेत्र में कुल 83 एंटी रोमियो स्क्वाड सक्रिय की गई हैं। इनमें मेरठ में 32, बुलंदशहर में 28, बागपत में 12 और हापुड़ में 11 टीमें शामिल हैं। पुलिस ने गुंडा दमन दल को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।
हापुड़ में पांच मेलों पर विशेष निगरानी
रक्षाबंधन के अवसर पर मेरठ परिक्षेत्र में कुल 10 मेले प्रस्तावित हैं। इनमें पांच मेले मेरठ और पांच हापुड़ में आयोजित होंगे। इसके अलावा शोभायात्रा, दंगल और अन्य सामूहिक आयोजनों को भी सुरक्षा के लिहाज से सूचीबद्ध किया गया है। आयोजकों के साथ बैठक कर भीड़ के अनुरूप पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
जाम रोकने के लिए चिह्नित होंगे प्रमुख मार्ग
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों, बसों और ट्रेनों से आवागमन करेंगे। इससे प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने और जाम की स्थिति बनने की संभावना है। ऐसे मार्गों को पहले से चिह्नित कर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। रोडवेज अधिकारियों, बस और टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों से समन्वय कर पर्याप्त वाहन उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, हाईवे और प्रमुख संपर्क मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। यूपी-112 की पीआरवी को भी जरूरत के अनुसार संवेदनशील स्थानों पर पुनर्व्यवस्थित किया जाएगा।
संदिग्धों और अफवाहों पर भी नजर
बाजार, मॉल, पार्क और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर दोपहर बाद बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। संदिग्ध वाहनों, व्यक्तियों और लावारिस वस्तुओं की एंटी सबोटाज चेक टीम से जांच कराई जाएगी। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस पिकेट लगाकर असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखी जाएगी।
पुलिस ने पहले से चिन्हित अराजक और समाज विरोधी तत्वों पर निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जनपदीय अभिसूचना तंत्र को सक्रिय रखने के साथ नियंत्रण कक्ष और सोशल मीडिया सेल को भी सतर्क किया गया है। किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
90 बैठकें, 80 गोष्ठियां
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर परिक्षेत्र में पीस कमेटी, धर्मगुरुओं, शांति समितियों और संभ्रांत लोगों के साथ 90 बैठकें की जा चुकी हैं। वहीं नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत समेत अन्य विभागों के साथ 80 गोष्ठियां आयोजित की गई हैं। थाना प्रभारियों को लगातार भ्रमणशील रहने और छोटी से छोटी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
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