मेहनत और समर्पण को सलाम: 30 कर्मचारियों को मिला ‘स्टार ऑफ द मंथ’ सम्मान, नशामुक्त भारत का लिया संकल्प
साहिल अंसारी
मई और जून में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को मिला सम्मान, अब तक 387 कर्मचारी हो चुके हैं सम्मानित
हापुड़। सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की ओर से मंगलवार को कॉलेज ब्लॉक में ‘स्टार ऑफ द मंथ-मई एवं जून 2026’ सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य, अनुशासन, जिम्मेदारी, समर्पण और निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने वाले 30 कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। मई और जून माह के लिए 15-15 कर्मचारियों का चयन कर उन्हें ‘स्टार ऑफ द मंथ’ सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान मिलने पर कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी।
कार्यक्रम की शुरुआत सिम्स स्टाफ की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना गीत से हुई। इसके बाद स्टूडेंट्स काउंसिल ने स्वागत संबोधन किया। जनरल मैनेजर एन. वर्धराजन ने अध्यक्षीय संबोधन में कर्मचारियों के योगदान की सराहना की। प्रिंसिपल डॉ. बरखा गुप्ता ने कहा कि किसी भी संस्थान की सफलता में कर्मचारियों की मेहनत और जिम्मेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके बाद चयनित कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। सिम्स कर्मचारियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बनाया। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
387 कर्मचारियों को मिल चुका सम्मान
संस्थान के अनुसार मई 2024 में शुरू की गई ‘स्टार ऑफ द मंथ’ पहल के तहत अब तक 387 कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य और योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है। इस पहल का उद्देश्य नॉन-टीचिंग, नर्सिंग, एलाइड एंड हेल्थकेयर, हाउसकीपिंग और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के कार्य को पहचान देना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस बार सम्मानित कर्मचारियों में नर्सिंग, प्रशासन, हॉस्टल, कंप्यूटर ऑपरेशन, लैबोरेटरी, ऑपरेशन थिएटर, फार्मेसी, लैंडस्केपिंग, मेंटेनेंस, इलेक्ट्रिकल, हाउसकीपिंग, वार्ड सेवाएं, सिक्योरिटी एंड विजिलेंस तथा मेस सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल रहे। संस्थान का कहना है कि कर्मचारियों के योगदान को सार्वजनिक रूप से पहचान मिलने से उनका मनोबल बढ़ता है और अन्य कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
नशे से दूर रहने का लिया संकल्प
कार्यक्रम में नशा मुक्त भारत अभियान को भी प्रमुखता दी गई। संस्थान के सभी कर्मचारियों ने नशा विरोधी राष्ट्रीय शपथ ली। कर्मचारियों ने नशीले पदार्थों एवं मादक द्रव्यों से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया। सामूहिक शपथ के माध्यम से संस्थान ने स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया।
संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. जे. रामचंद्रन तथा वाइस चेयरपर्सन डॉ. रम्या रामचंद्रन ने सभी सम्मानित कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कर्मचारियों की निष्ठा, मेहनत और संस्थान के विकास में योगदान की सराहना करते हुए इसी तरह पूरी लगन से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम को सीनियर एडवाइजर ब्रिगेडियर डॉ. आर.के. सहगल, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मेजर जनरल चरनजीत सिंह अहलूवालिया, डायरेक्टर रघुवार दत्त और एचआर मैनेजर एल. रुबावथी का मार्गदर्शन एवं सहयोग मिला। संस्थान के नेतृत्व ने कहा कि ‘स्टार ऑफ द मंथ’ केवल पुरस्कार देने की पहल नहीं, बल्कि कर्मचारियों में सम्मान, जिम्मेदारी, टीमवर्क और उत्कृष्टता की संस्कृति विकसित करने का निरंतर प्रयास है। समारोह उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
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