नौ साल से कंपनी का हिसाब संभाल रहा था अकाउंटेंट, 18.41 लाख की गड़बड़ी पर खुला राज
साहिल अंसारी
नकदी के मिलान में सामने आई लाखों रुपये की कमी, पूछताछ के बाद अगले दिन कंपनी नहीं पहुंचा आरोपित
हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के पटना गांव स्थित पशु आहार निर्माण कंपनी में नकदी के हिसाब-किताब में 18 लाख 41 हजार रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। कंपनी के निदेशक ने करीब नौ वर्षों से कार्यरत अकाउंटेंट पर धनराशि अपने निजी काम में इस्तेमाल करने और वापस नहीं लौटाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक सुशील कुमार को सौंपी गई है।
ग्राम पटना में संचालित पशु आहार निर्माण कंपनी के निदेशक वरुण आर्य ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि ग्राम हरसिंहपुर ब्रजनाथपुर निवासी प्रवेश शर्मा करीब नौ वर्षों से कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत था। कर्मचारियों की मजदूरी, माल ढुलाई समेत अन्य नकद भुगतान और रोजाना के हिसाब-किताब की जिम्मेदारी उसी के पास थी। कंपनी में आने वाली धनराशि और माल की खरीद-बिक्री से संबंधित रकम का लेखा-जोखा भी वही संभालता था।
निदेशक के अनुसार, 13 मई 2026 को कंपनी के खातों और नकदी का मिलान कराया गया। इस दौरान रोकड़ के रिकॉर्ड में 18 लाख 41 हजार रुपये की गड़बड़ी सामने आई। रकम के संबंध में प्रवेश शर्मा से पूछताछ की गई तो आरोप है कि उसने बताया कि उक्त धनराशि उसने अपने निजी काम में इस्तेमाल कर ली है और अगले दिन कंपनी की रोकड़ बही में जमा कर देगा।
आरोप है कि इसके बाद प्रवेश शर्मा कंपनी नहीं पहुंचा। निदेशक उसके घर पहुंचे तो पत्नी ने बताया कि वह 15 दिन में वापस आने की बात कहकर बाहर गया है। निदेशक ने कंपनी की ओर से उसे कहीं भेजे जाने से इनकार किया तो पत्नी ने उसके संबंध में अधिक जानकारी देने से मना कर दिया।
निदेशक ने आरोप लगाया कि प्रवेश शर्मा ने अपने पद और जिम्मेदारी का दुरुपयोग करते हुए कंपनी की 18.41 लाख रुपये की धनराशि का गबन किया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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