महिलाओं के सशक्तिकरण की नई उड़ान, 'ऐशआथी सक्षम' कौशल विकास कार्यक्रम का शुभारंभ/india News 24
*महिलाओं के सशक्तिकरण की नई उड़ान, 'ऐशआथी सक्षम' कौशल विकास कार्यक्रम का शुभारंभ*
संवाददाता, हापुड़। महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल (सिम्स) तथा वाऴ फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में 'ऐशआथी सक्षम' महिला कौशल विकास कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं, छात्राओं तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद 'ऐशआथी सक्षम' महिला कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन किया गया। आश्रया रामचंद्रन तथा आथिरा रामचंद्रन ने संयुक्त रूप से फीता काटकर केंद्र का शुभारंभ किया। आयोजकों ने इसे महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका, आत्मनिर्भरता तथा स्वावलंबन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
वाऴ फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट की संस्थापक एवं प्रबंध न्यासी तथा सरस्वती समूह शिक्षण संस्थानों की उपाध्यक्ष रम्या रामचंद्रन ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास जगाकर उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने योग्य बनाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि जब एक महिला सशक्त होती है तो उसका परिवार, समाज और राष्ट्र भी सशक्त बनता है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास तथा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है।
सिम्स के महाप्रबंधक एन. वर्धराजन ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के साथ समाज के सर्वांगीण विकास में भी योगदान देना है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास आधारित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएंगे। वहीं सामुदायिक चिकित्सा विभाग के सह आचार्य डॉ. ए. रेवंत कुमार ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं के लिए छह माह का पूर्णतः निःशुल्क प्रमाणपत्र आधारित प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इसमें संगणक अनुप्रयोग पाठ्यक्रम के तहत संगणक की मूल जानकारी, टंकण कौशल, प्रचालन तंत्र, अंतरजाल, ई-पत्र, माइक्रोसॉफ्ट कार्यालय तथा डिजिटल कार्यकुशलता का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं सौंदर्य एवं आरोग्य पाठ्यक्रम में त्वचा एवं केश देखभाल, पेशेवर श्रृंगार, मेहंदी कला, सैलून प्रबंधन तथा ग्राहक सेवा का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने वाली प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे, जिससे उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
कार्यक्रम में प्राचार्या डॉ. बरखा गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक मेजर जनरल डॉ. चरणजीत सिंह अहलूवालिया, वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर डॉ. आर.के. सहगल, निदेशक रघुवर दत्त सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष, चिकित्सक, शिक्षक, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. कोनिका गुप्ता ने किया। समापन पर सभी अतिथियों ने प्रशिक्षण केंद्र का अवलोकन किया और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। सरस्वती समूह शिक्षण संस्थानों के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. जे. रामचंद्रन ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि कौशल आधारित शिक्षा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है और यह पहल हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी।
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