हापुड़ न्यायालय की बिना अनुमति वीडियोग्राफी कर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप, संचालक समेत तीन पर प्राथमिकी
सोनू मसूदी
हापुड़। न्यायालय परिसर, न्यायालय कक्ष और पीठासीन अधिकारी के प्रतिबंधित कक्ष की कथित रूप से बिना अनुमति वीडियोग्राफी कर उसे इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में हापुड़ नगर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच उपनिरीक्षक सलीम को सौंपी गई है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हापुड़ न्यायालय के पेशकार अरुण कुमार ने 31 जुलाई को पुलिस को दी तहरीर में बताया कि विजय डोगरार नामक इंस्टाग्राम खाते के संचालक और उसके साथ मौजूद दो अन्य व्यक्तियों ने कथित तौर पर बिना अनुमति न्यायालय परिसर में प्रवेश किया। आरोप है कि न्यायालय कक्ष, आंतरिक परिसर और पीठासीन अधिकारी के प्रतिबंधित कक्ष में भी वीडियोग्राफी की गई।
तहरीर के अनुसार, संबंधित वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर कथित रूप से भ्रामक और मिथ्या शीर्षक के साथ प्रसारित किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस गतिविधि से न्यायालय की गरिमा प्रभावित होने के साथ ही न्यायिक संस्था के प्रति आम लोगों में भ्रम और अविश्वास पैदा होने की आशंका है। न्यायालय की सुरक्षा, गोपनीयता और न्यायिक अभिलेखों की संवेदनशीलता को लेकर भी चिंता जताई गई है।
पेशकार ने खाते के संचालक और वीडियो में दिखाई दे रहे दोनों अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की। तहरीर के आधार पर हापुड़ नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच उपनिरीक्षक सलीम को सौंपी गई है। जांच के दौरान वीडियो की सत्यता, उसे इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने वालों की पहचान और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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