नाबालिग से छेड़खानी के मामले में कोर्ट का सख्त फैसला, दोनों दोषियों पर जुर्माना भी
साहिल अंसारी
हापुड़। हापुड़ पुलिस की प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी के चलते नाबालिग किशोरी से छेड़खानी के करीब आठ वर्ष पुराने मामले में अदालत ने दो आरोपियों को चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह कार्रवाई प्रदेशभर में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत हुई है।
पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर 2018 को बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम उपैड़ा निवासी पुष्पेंद्र पुत्र महेशचंद और नीटू पुत्र पप्पू ने वादी की नाबालिग पुत्री के साथ छेड़खानी की थी। घटना के दौरान आरोपियों ने घर में घुसकर धमकी भी दी थी। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर बाबूगढ़ थाने में मुकदमा संख्या 417/2018 धारा 452, 506, 354 भारतीय दंड संहिता तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
विवेचना पूरी होने के बाद 16 अक्टूबर 2018 को पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान हापुड़ पुलिस की मॉनीटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पैरवी की। इसके परिणामस्वरूप 29 जुलाई 2026 को एडीजे/स्पेशल पॉक्सो एक्ट प्रथम, हापुड़ की अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत लंबित मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में इस मामले में भी अभियोजन पक्ष ने प्रभावी ढंग से पैरवी कर न्यायालय से दोषसिद्धि सुनिश्चित कराई।
मामले में शासकीय अधिवक्ता हरेन्द्र कुमार त्यागी, विवेचक उपनिरीक्षक धर्मराज सिंह, पैरोकार मुख्य आरक्षी मोनू मलिक तथा कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल प्रशांत पाण्डेय की विशेष भूमिका रही। पुलिस ने इसे पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता बताया।
Comments
Post a Comment