इयरफोन ने छीनी जिंदगी: चींटियों को आटा डालने निकले युवक की ट्रेन से कटकर मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़


साहिल अंसारी

हापुड़।
रेलवे ट्रैक के आसपास बरती गई एक छोटी सी लापरवाही ने रविवार सुबह एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। थाना हापुड़ देहात क्षेत्र के चैनपुरी रेलवे फाटक के पास ट्रैक किनारे मोबाइल पर गाने सुन रहे एक युवक की तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। कानों में इयरफोन लगे होने के कारण युवक को ट्रेन की सीटी और आहट सुनाई नहीं दी। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार अयोध्यापुरी निवासी 33 वर्षीय प्रदीप सैनी पुत्र स्वर्गीय प्रेम सिंह रविवार सुबह घर से निकले थे। वह चैनपुरी रेलवे फाटक के पास पिलर संख्या 60/5 के निकट रेलवे ट्रैक के किनारे बैठकर मोबाइल पर गाने सुन रहे थे। इसी दौरान पीछे से आई तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला।

घटना की सूचना मिलते ही थाना हापुड़ देहात प्रभारी पारस मलिक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला इयरफोन लगे होने के कारण ट्रेन की चपेट में आने का प्रतीत हो रहा है। हालांकि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
परिजनों ने बताया कि प्रदीप की वर्षों से धार्मिक दिनचर्या थी। वह प्रतिदिन सुबह चैनपुरी रेलवे फाटक के पास चींटियों को आटा डालने जाते थे। रविवार को भी वह इसी उद्देश्य से घर से निकले थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनका अंतिम सफर साबित होगा।

प्रदीप के परिवार पर पहले भी कई दुख टूट चुके हैं। करीब 30 वर्ष पहले उनके पिता प्रेम सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी, जबकि लगभग 12 वर्ष पहले बड़े भाई अशोक का बीमारी से निधन हो गया था। अब परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य प्रदीप की असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वह ज्वेलरी बॉक्स बनाने का काम करते थे और अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।

प्रदीप अपने पीछे पत्नी, वृद्ध मां सावित्री, दो भाइयों कृष्ण और दिनेश तथा दो बेटियां शिवांशी (11 वर्ष) और ओझल (6 वर्ष) को छोड़ गए हैं। पिता की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि दोनों मासूम बेटियां बार-बार अपने पिता को पुकारती रहीं। इस हृदयविदारक हादसे से अयोध्यापुरी मोहल्ले सहित पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है।

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