परीक्षा प्रणाली में होगा ऐतिहासिक बदलाव, नंदन नीलेकणि के हाथों में सुधार की कमान*
सोनू मसूदी
नई दिल्ली। देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और तकनीक आधारित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को घोषणा की कि परीक्षा सुधारों के लिए विश्व प्रसिद्ध तकनीकी विशेषज्ञ और इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इस टास्क फोर्स की सिफारिशों के आधार पर भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी कर अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, वे कानून की गिरफ्त में हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। ऐसे मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए गए हैं, वहीं संसद में कठोर दंड प्रावधानों वाले नए कानून की दिशा में भी सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल दोषियों को सजा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार जरूरी हैं। इसी उद्देश्य से गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स परीक्षा प्रक्रिया में अत्याधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग, पारदर्शिता बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने संबंधी सुझाव देगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में तैयार होने वाली रिपोर्ट देश की परीक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव का आधार बनेगी। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी और लाखों छात्रों को निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
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