दांतों से कार खींचकर हरिद्वार से कांवड़ ला रहे शिवभक्त नरेंद्र, अनूठी भक्ति बनी आकर्षण का केंद्र
हापुड़, । सावन माह में शिवभक्ति का उत्साह चरम पर है और कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालु अपनी-अपनी आस्था के अनूठे स्वरूप से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। इन्हीं में अलीगढ़ जनपद के गांव छज्जूपुर निवासी शिवभक्त नरेंद्र इन दिनों विशेष चर्चा का विषय बने हुए हैं। नरेंद्र हरिद्वार से अपनी कार को दांतों से खींचते हुए कांवड़ यात्रा पूरी कर रहे हैं। उनकी इस अनोखी भक्ति को देखने के लिए कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
नरेंद्र ने हरिद्वार के हर की पौड़ी से 11 लीटर पवित्र गंगाजल भरकर अपनी कार के ऊपर भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित की है। इसके बाद वह कार को दांतों के सहारे खींचते हुए अपने गांव की ओर बढ़ रहे हैं। उनकी इस कठिन साधना और अटूट आस्था को देखकर लोग भाव-विभोर हो रहे हैं। मार्ग में कई स्थानों पर श्रद्धालु उन पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत कर रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में युवा उनके साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं और सोशल मीडिया के लिए रील भी बना रहे हैं।
नरेंद्र ने बताया कि उन्होंने 10 जुलाई को हर की पौड़ी से गंगाजल उठाकर अपनी यात्रा शुरू की थी। उनकी टोली में गांव के पांच अन्य शिवभक्त भी शामिल हैं। खास बात यह है कि इस यात्रा में 10 वर्षीय एक बालक भी पूरे उत्साह के साथ उनके साथ चल रहा है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच यात्रा को जारी रखने के लिए नरेंद्र ने कार के आगे एक छोटा पंखा भी लगाया है, जिससे उन्हें कुछ राहत मिलती है। हालांकि उनका कहना है कि भगवान भोलेनाथ की कृपा और आस्था ही उन्हें इस कठिन यात्रा को पूरा करने की शक्ति दे रही है।
नरेंद्र का कहना है कि यह यात्रा उनके लिए केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भगवान आशुतोष के प्रति अटूट श्रद्धा, विश्वास और संकल्प का प्रतीक है। लगभग एक माह तक चलने वाली यह कठिन यात्रा सावन के अंतिम सोमवार को पूरी होगी। इसके बाद वह अपने गांव छज्जूपुर स्थित प्राचीन महादेव मंदिर में पहुंचकर पवित्र गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। उनकी अनूठी कांवड़ यात्रा इन दिनों हापुड़ समेत पूरे कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
Comments
Post a Comment