कांवड़ यात्रा के लिए मेरठ परिक्षेत्र में अभेद सुरक्षा कवच, 970 किमी मार्ग पर चौकसी; ब्रजघाट समेत प्रमुख स्थलों पर विशेष निगरानी
सोनू मसूदी
मेरठ/हापुड़। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सकुशल, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम पूरे कर लिए हैं। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे परिक्षेत्र में बहुस्तरीय सुरक्षा योजना लागू कर दी गई है। यात्रा के दौरान प्रमुख कांवड़ मार्गों, मंदिरों और गंगा घाटों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी।
डीआईजी ने बताया कि जुलाई के अंतिम सप्ताह से अगस्त के अंत तक चलने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान बागपत के पुरा महादेव मंदिर, मेरठ के बाबा औघड़नाथ महादेव मंदिर और बुलंदशहर के अंबकेश्वर महादेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। वहीं हापुड़ के ब्रजघाट से भी हजारों शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना होते हैं। पूरे मेरठ परिक्षेत्र में 28 प्रमुख कांवड़ मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 970 किलोमीटर है। इनमें राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ नहर पटरियों से होकर गुजरने वाले मार्ग भी शामिल हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पूरे क्षेत्र को सुपर जोन, जोन और सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक संवेदनशील स्थान पर पुलिस पिकेट, बैरियर और चेकिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। जरूरत के अनुसार रूट डायवर्जन की व्यवस्था भी लागू की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आम यातायात भी सुचारु बना रहे।
तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर देते हुए परिक्षेत्र में करीब 50 छोटे-बड़े कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों और आईपीटीवी नेटवर्क के माध्यम से प्रमुख मार्गों, मंदिरों और घाटों की लगातार निगरानी की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए कंट्रोल रूम को पुलिस बल से सीधे जोड़ा गया है।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि हाल ही में मुख्य सचिव और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में मेरठ में अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में पड़ोसी राज्यों और सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों के साथ सुरक्षा, सूचना आदान-प्रदान और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के पालन पर सहमति बनी, जिससे यात्रा के दौरान बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।
ब्रजघाट सहित प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नाव, प्रशिक्षित गोताखोर, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। सभी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को ड्यूटी चार्ट के अनुसार आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि कांवड़ यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनी रहे।
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